देशभर में SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बाद फैसला सुनाया है जिसमे उन्होंने वोटर लिस्ट से मृत व्यक्तियों, वार्ड से स्थाई रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना पूरी तरह न्यायसंगत और कानूनी माना है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव टालने की मांग वाली YSRCP की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से आंध्र प्रदेश में ग्राम पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के स्थानीय निकाय चुनाव कराने की प्रशासनिक तैयारियां चल रही थीं। लेकिन इसी बीच चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में सुधार के लिए राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसके बाद विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए High Court का रुख किया और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं या गलत तरीके से बदले जा रहे हैं।
साथ ही और पार्टी की मांग थी कि जब तक पूरे राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म न हो जाए और अंतिम रूप से त्रुटिरहित मतदाता सूची प्रकाशित न हो जाए, तब तक स्थानीय निकाय चुनावों को टाल दिया जाए । आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव टालने की वाईएसआरसीपी की याचिका को खारिज कर दिया और चुनाव प्रक्रिया को तय समय पर आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ वाईएसआरसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। जिसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाया कि जो लोग मर चुके हैं, जो वार्ड या इलाका छोड़कर जा चुके हैं, या जिनके फर्जी/डुप्लीकेट नाम दर्ज हैं, उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। SIR इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए है, इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
SIR क्या होता है?
SIR चुनाव और मतदाता सूची के संदर्भ में विशेष गहन पुनरीक्षण होता है, जो यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटि-रहित बनाने के लिए चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है। जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act, 1950) और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 (Registration of Electors Rules, 1960) के तहत संचालित की जाती है।
इसमे बूथ लेवल ऑफिसर हर घर जाकर मतदाताओं की मौजूदगी की जांच करते हैं। और मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित नागरिक, डुप्लीकेट प्रविष्टियां जैसे नाम हटाया जाता है और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना का काम करते है।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी किसकी पार्टी है?
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) आंध्र प्रदेश राज्य का एक प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक दल है। जिसका का गठन मार्च 2011 में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के बेटे वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने किया था।
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