अक्सर कहा जाता है कि एक सुरक्षित नौकरी और बंधा-बंधाया वेतन ही सफलता की निशानी है। खास तौर पर तब, जब आप बड़ी एयरलाइन्स कंपनी में अच्छे पद पर काम कर रहे हों। लेकिन बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले अभिनीत सेतु के लिए सफलता की परिभाषा कुछ और थी। उन्होंने एविशन सेक्टर के चमकते करियर को छोड़कर एक ऐसा रास्ता चुना, जो आसान नहीं था, लेकिन जिसका मकसद बड़ा था—आयुर्वेद के ज़रिए समाज को स्वस्थ बनाना और युवाओं को रोजगार के काबिल बनाना। आज, ‘एस्क्लेपियस वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ (Asclepius Wellness Pvt Ltd) के प्रमोटर के तौर पर, अभिनीत (Abhinit Setu Success Story) न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि बिहार सरकार द्वारा ‘शौर्य सम्मान’ से सम्मानित एक यूथ आइकॉन भी हैं।
अभिनीत सेतु का शुरुआती सफर
अभिनीत की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन इसका संघर्ष असली है। समस्तीपुर बिहार के एक शिक्षक परिवार से आने वाले अभिनीत ने पास के ही हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी किये, उसके बाद उन्होंने ICFAI यूनिवर्सिटी से MBA किया और फिर 2012 से 2017 तक स्पाइसजेट और एयर इंडिया के लिए एयरलाइंस में ऑपरेशन मैनेजर के तौर पर काम किया।

अभिनीत के उद्यमी बनने का सफर 14 नवंबर, 2015 को ‘कैंडी कॉर्नर’ (The Box of Joy) के साथ शुरू हुआ। शुरुआत में उनका काम बड़ी कंपनियों के लिए कस्टमाइज्ड चॉकलेट और कॉर्पोरेट गिफ्ट्स तैयार करना था। लेकिन उन्होंने खुद को यहीं तक सीमित नहीं रखा। डायरेक्ट सेलिंग में कदम रखते ही उनकी यह छोटी सी शुरुआत एक बड़े मिशन में बदल गई—जहाँ चंद लोगों से शुरू हुआ उनका कारवां, आज 17,000 से ज्यादा लोगों की एक सशक्त कम्युनिटी बन चुका है।
आयुर्वेद के साथ लिखी सफलता की नई कहानी
सितंबर 2020 में, जब सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग के लिए नए नियम लागू किए, तो उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में देखा। उन्होंने ‘एस्क्लेपियस वेलनेस’ (AWPL) को अपनी नई मंज़िल चुना क्यूकी उनका विजन साफ था कि बीमार पड़ने के बाद इलाज करने से बेहतर है, बीमार पड़ने से बचना और इसी सोच के साथ लॉकडाउन के ठीक बाद, 20 अक्टूबर से पूरी ताकत के साथ काम शुरू कर दिया।
अभिनीत कहते हैं, “आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (stress) कई बीमारियों की जड़ है। हम आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को मॉडर्न लाइफस्टाइल के साथ जोड़कर लोगों के सामने रख रहे हैं। हमारा मकसद सिर्फ प्रोडक्ट बेचना नहीं, बल्कि एक आयुर्वेदिक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।”

उनकी इसी मेहनत और विजन को तब बड़ी पहचान मिली, जब उन्हें ‘बेस्ट एंटरप्रेन्योर’ के सम्मान से नवाजा गया। लेकिन यहाँ तक पहुचना आसान नहीं था। एक दौर ऐसा भी आया जब वे बैंक के कर्ज तले दबे थे। हालत ऐसी थी कि बाइक में पेट्रोल डलवाने के पैसे नहीं होते थे और पैसे बचाने के लिए वे अक्सर लंच या डिनर छोड़ दिया करते थे। उनके करीबी दोस्तों ने उनकी उम्मीदों और लक्ष्यों का मज़ाक उड़ाया, लेकिन अभिनीत का मानना था कि “एमबीए ने मुझे बिजनेस की थ्योरी सिखाई, लेकिन जीवन की कठिनाइयों ने मुझे असली बिजनेस सिखाया।
नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बने
अभिनीत की सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी अपनी कमाई नहीं, बल्कि वह नेटवर्क है जो उन्होंने खड़ा किया है। उन्होंने 17,000 से अधिक लोगों की एक कम्युनिटी बनाई है। वे युवाओं को सिर्फ रोजगार नहीं देते, बल्कि उन्हें ‘आत्मनिर्भर’ बनाते हैं ताकि वे अपनी आय का स्रोत खुद तैयार कर सकें। अपनी मेहनत के दम पर आज अभिनीत ने 5-6 करोड़ रुपये की नेटवर्थ (संपत्ति) खड़ी कर ली है, आज वे ऑडी (Audi A4) जैसी लग्जरी कार के मालिक हैं और एक बेहतरीन लाइफस्टाइल जी रहे हैं, वे अब तक नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और दुबई जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। लेकिन उनकी असली कमाई वे सैकड़ों युवा हैं जो आज उनके मार्गदर्शन में अपने पैरों पर खड़े हैं।

सफलता पाने के बाद अक्सर लोग रुक जाते हैं, लेकिन अभिनीत का विजन बहुत बड़ा है। उनका कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने अपना 2026 का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है— “5000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देना।” वे चाहते हैं कि बिहार और देश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। वे आयुर्वेद और डायरेक्ट सेलिंग के जरिए युवाओं को ‘आत्मनिर्भर’ बना रहे हैं।
अभिनीत सेतु की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे नेक हों और विजन स्पष्ट हो, तो एक छोटे शहर का लड़का भी बड़े बदलाव ला सकता है। उनका सफर बताता है कि असली कामयाबी केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि अपने साथ दूसरों को भी ऊपर उठाना है। आयुर्वेद को बढ़ावा देकर उन्होंने न केवल लोगों की सेहत सुधारी है, बल्कि बिहार और देश के युवाओं को उद्यमिता (entrepreneurship) का एक नया रास्ता भी दिखाया है।

