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कहानियाँ
Khudiram Bose Story: जब जज को बोले वक्त मिले तो आपको भी बम बनाना सिखा दूं!
"एक बार बिदाय दे माँ, घुरे आशि... हाशि हाशि पोरबो फांशी, देखबे भारतबाशी।"ये पंक्तियां बंगाल के मशहूर कवि पीतांबर दास ने एक 18 साल के युवा क्रांतिकारी की शहादत को नमन करते हुए लिखी थीं। जिसका अर्थ है— "माँ, मुझे एक बार विदाई दे,...
कैसे लखनऊ की महक परी ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था? बेगम हज़रत महल की कहानी
बेगम हज़रत महल उन कुछ महिलाओं में से एक थीं जिन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज़ों को चुनौती दी थी। जब अंग्रेज द्वारा शासन के शीर्ष से नवाब को हटा दिया गया, तो प्रतिरोध थमा नहीं बल्कि रानी के साहस ने न केवल...
एयरलाइंस की नौकरी छोड़ी, दोस्तों ने उड़ाया मज़ाक…फिर कैसे बने ‘बेस्ट एंटरप्रेन्योर’? अभिनीत सेतु की कहानी
अक्सर कहा जाता है कि एक सुरक्षित नौकरी और बंधा-बंधाया वेतन ही सफलता की निशानी है। खास तौर पर तब, जब आप बड़ी एयरलाइन्स कंपनी में अच्छे पद पर काम कर रहे हों। लेकिन बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले अभिनीत सेतु के लिए...
कैसे एक कवयित्री बनी भारत की पहली महिला राज्यपाल? सरोजिनी नायडू की कहानी
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो सिर्फ पन्नों पर नहीं बल्कि वक्त की सीमाओं को तोड़कर अमर हो जाती हैं। सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu Story) एक ऐसी ही शख्सियत थीं जो एक तरह अपनी कोमल कविताओं से दिलों को...
लॉन्ड्री बिज़नेस से कैसे खड़ी कर दी 160 करोड़ की कंपनी ? अरुणाभ सिन्हा की कहानी
भारत के सर्विस सेक्टर में लॉन्ड्री एक ऐसा वर्टिकल था जिसे दशकों तक 'लो-मार्जिन', 'श्रम-साध्य' और पूरी तरह से 'हाइपर-लोकल' मानकर संगठित कॉर्पोरेट बिज़नेस ने नजरअंदाज किया। लेकिन, इसी असंगठित ढांचे के बीच IIT बॉम्बे का एक छात्र ने मानकीकरण और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल...
एक टेंपो ड्राइवर कैसे बना शंख एयरलाइंस के मालिक? श्रवण कुमार विश्वकर्मा की कहानी
ज़मीन पर चलने वाले अक्सर आसमान में उड़ने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ जिद्दी लोग ऐसे होते हैं जो उस आसमान को अपनी मुट्ठी में कर लेते हैं। यह कहानी किसी अरबपति खानदान के वारिस की नहीं है, बल्कि उस शख्स की है जिसने...