"एक बार बिदाय दे माँ, घुरे आशि... हाशि हाशि पोरबो फांशी, देखबे भारतबाशी।"
ये पंक्तियां बंगाल के मशहूर कवि पीतांबर दास ने एक 18 साल के युवा क्रांतिकारी की शहादत...
भारत के सर्विस सेक्टर में लॉन्ड्री एक ऐसा वर्टिकल था जिसे दशकों तक 'लो-मार्जिन', 'श्रम-साध्य' और पूरी तरह से 'हाइपर-लोकल' मानकर संगठित कॉर्पोरेट बिज़नेस...