सिर्फ केरल ही नहीं! भारत के इन बड़े राज्यों के नाम भी बदल चुके हैं। क्या आपको पुराने नाम पता हैं? आइए जानते हैं।

By: Team janbal

केरल का नाम आधिकारिक तौर पर 'केरलम' हो गया। मलयालम भाषा में राज्य का नाम हमेशा से 'केरलम' ही रहा है। सरकार का यह कदम राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को आधिकारिक पहचान दिलाना है।

केरल → केरलम

ब्रिटिश काल में इसे 'यूनाइटेड प्रोविंस' कहा जाता था। आजादी के बाद भारतीय संस्कृति और पहचान को दर्शाने के लिए 24 जनवरी 1950 को इसका नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' कर दिया गया।

संयुक्त प्रांत → उत्तर प्रदेश

1956 में राज्यों के पुनर्गठन के समय कई छोटी रियासतों को मिलाकर एक बड़ा राज्य बनाया गया। चूँकि यह भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित था, इसलिए इसका नाम 'मध्य प्रदेश' रखा गया।

मध्य भारत → मध्य प्रदेश

'तमिलनाडु' का अर्थ है 'तमिलों की भूमि'। मद्रास राज्य के लोगों ने अपनी भाषाई पहचान और गौरव को सम्मान देने के लिए लंबे समय तक आंदोलन किया था, जिसके बाद 1969 में आधिकारिक तौर पर यह नाम बदला गया।

मद्रास → तमिलनाडु

मैसूर नाम सिर्फ एक रियासत का प्रतिनिधित्व करता था, जबकि पूरे क्षेत्र की पहचान कन्नड़ संस्कृति से थी। इसलिए 1973 में 'कन्नड़' बोलने वाले लोगों की पहचान को विस्तार देते हुए इसका नाम 'कर्नाटक' किया गया।

मैसूर → कर्नाटक

पांडिचेरी' नाम फ्रांसीसी प्रभाव का प्रतीक था। स्थानीय तमिल भाषा में इसे 'पुडुचेरी' कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'नया गांव'। जिसके बाद अपनी मूल तमिल जड़ों की ओर लौटने के लिए 2006 में यह नाम बदला गया।

पांडिचेरी → पुडुचेरी

जब यह उत्तर प्रदेश से अलग हुआ, तो केंद्र ने इसे 'उत्तरांचल' नाम दिया। लेकिन राज्य के लोगों की भावनाएं और संस्कृति 'उत्तराखंड' (उत्तर की भूमि) नाम से जुड़ी थीं, जिसे अंततः 2007 में सरकार ने स्वीकार किया।

उत्तरांचल → उत्तराखंड

ओडिया भाषा के उच्चारण के अनुसार 'उड़ीसा' को 'ओडिशा' और 'ओड़िया' कहा जाता है। भाषाई शुद्धता और स्थानीय उच्चारण को संवैधानिक मान्यता देने के लिए 2011 में संसद ने यह बदलाव किया।

उड़ीसा → ओडिशा

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